गणेश जी - विघ्नहर्ता

गणपति, एकदंत, लंबोदर, मोदकप्रिय - गणपति अथर्वशीर्ष, गणेश मंत्र, गणेश आरती, वक्रतुंड स्तोत्र

भगवान गणेश - विघ्नहर्ता, गणपति, एकदंत, लंबोदर, मोदकप्रिय। भगवान गणेश शिव-पार्वती के पुत्र हैं और सभी देवताओं में प्रथम पूजनीय हैं। इन्हें प्रथम पूज्य और बुद्धि-सिद्धि के दाता के रूप में जाना जाता है।

गणेश जी का महत्व

गणेश जी सभी विघ्नों को हरने वाले हैं। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत में इनकी पूजा की जाती है। ये बुद्धि, ज्ञान, विवेक और समृद्धि के देवता हैं। इनकी उपासना से सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

"वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥"

— वक्रतुण्ड गणेश स्तोत्र

गणेश जी के गुण और विशेषताएँ

प्रथम पूज्य

सभी देवताओं में प्रथम पूजनीय, बिना इनकी पूजा कोई कार्य पूर्ण नहीं

गजानन

गज (हाथी) के समान मुख वाले, स्थिरता और धैर्य के प्रतीक

बुद्धि के देवता

ज्ञान, बुद्धि, विवेक और सद्बुद्धि के दाता, विद्या की प्राप्ति में सहायक

मोदकप्रिय

मोदक अति प्रिय, सुख-समृद्धि और संतोष का प्रतीक

गणपति अथर्वशीर्ष

गणपति अथर्वशीर्ष का प्रथम मंत्र

ॐ नमस्ते गणपतये।
त्वमेव प्रत्यक्षं तत्त्वमसि।
त्वमेव केवलं कर्ताऽसि।
त्वमेव केवलं धर्ताऽसि॥
अर्थ: हे गणपति! आपको नमस्कार है। आप ही प्रत्यक्ष तत्त्व हो। आप ही केवल कर्ता हो। आप ही केवल धर्ता (धारण करने वाले) हो।

गणेश भक्ति संसाधन

गणपति अथर्वशीर्ष

अथर्ववेद में वर्णित गणेश जी का सर्वोच्च स्तोत्र। सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला।

वेद मंत्र देखें

गणेश मंत्र

गणेश जी के विभिन्न मंत्र - बीज मंत्र, गायत्री, सिद्धि विनायक मंत्र आदि।

शक्तिशाली मंत्र देखें

वक्रतुंड स्तोत्र

गणेश जी के 12 नामों का स्तोत्र। सभी विघ्नों का नाश करने वाला।

12 नाम देखें

गणेश आरती

गणेश जी की आरती। प्रतिदिन करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।

5 मिनट देखें

गणेश जी के प्रमुख रूप

बाल गणेश
बाल रूप, बच्चों की तरह चंचल और मधुर
तरुण गणेश
युवा रूप, आठ भुजाओं वाले
वीर गणेश
योद्धा रूप, 16 भुजाओं वाले
सिद्धि विनायक
सिद्धियों के दाता, चार भुजाओं वाले
नृत्य गणेश
नृत्यरत रूप, आनंद के प्रतीक
उच्छिष्ट गणेश
तांत्रिक रूप, भक्तों की रक्षा के लिए

गणेश मंत्र - पूरा विवरण

गणेश बीज मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः
मंत्र का अर्थ
"ॐ, मैं गणपति (गणेश जी) को नमन करता हूँ। 'गं' गणेश का बीज मंत्र है जो सभी विघ्नों को नष्ट करता है और सफलता प्रदान करता है।"
मंत्र के लाभ
  • सभी प्रकार के विघ्नों से रक्षा
  • नए कार्यों में सफलता की प्राप्ति
  • बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि
  • धन और समृद्धि का आगमन
  • मनोकामनाओं की पूर्ति
  • आध्यात्मिक उन्नति में सहायक
गणेश गायत्री मंत्र
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि।
तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्॥
मंत्र का अर्थ
"ॐ, हम एकदंत (गणेश) का ध्यान करते हैं। हम वक्रतुंड (गणेश) को अपनी बुद्धि में धारण करते हैं। वे गजानन (हाथी मुख वाले) हमारी बुद्धि को प्रकाशित करें।"
मंत्र के लाभ
  • बुद्धि और विवेक में वृद्धि
  • शिक्षा और ज्ञान में सफलता
  • एकाग्रता में सुधार
  • स्मरण शक्ति में वृद्धि
  • परीक्षाओं में सफलता
  • निर्णय क्षमता में वृद्धि
संकटनाशन गणेश स्तोत्र
नमो व्रातपतये नमो गणपतये नमः।
प्रमथपतये नमस्तेऽस्तु लम्बोदराय एकदन्ताय विघ्नविनाशिने शिवसुताय श्रीवरदमूर्तये नमो नमः॥
स्तोत्र का सार
"गणों के स्वामी, गणपति, प्रमथों के पति, लंबोदर, एकदंत, विघ्नों का नाश करने वाले, शिव के पुत्र और वरदायिनी मूर्ति गणेश जी को बारंबार नमन।"
स्तोत्र के लाभ
  • सभी प्रकार के संकटों का निवारण
  • ग्रह दोषों से मुक्ति
  • आर्थिक समस्याओं का समाधान
  • कार्यों में आ रही बाधाएँ दूर होती हैं
  • मानसिक शांति और स्थिरता
  • घर में सुख-समृद्धि का वास

अन्य गणेश मंत्र

सिद्धि विनायक मंत्र

सिद्धि मंत्र
ॐ नमो हेरम्बाय नमः॥

हेरम्ब (गणेश) को नमन। सभी सिद्धियों की प्राप्ति के लिए।

सिद्धि • शक्ति सुनें

ऋण मुक्ति गणेश मंत्र

ऋण निवारक
ॐ वक्रतुण्डाय हुं फट् स्वाहा॥

कर्ज से मुक्ति और आर्थिक समृद्धि के लिए अत्यंत प्रभावी।

ऋण मुक्ति • धन सुनें

उच्छिष्ट गणेश मंत्र

तांत्रिक
ॐ ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वरवरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा॥

विशेष सिद्धियों और आकर्षण के लिए शक्तिशाली मंत्र।

आकर्षण • सिद्धि सुनें

गणेश भजन प्लेलिस्ट

गणेश जी के भजनों की विशेष प्लेलिस्ट। एक बार प्ले करें और 2 घंटे तक निर्बाध भजन सुनें।

कुल 28 भजन • 2.2 घंटे • 9K+ लाइक्स

पूरी प्लेलिस्ट देखें

गणेश पूजा विधि

समय
बुधवार/चतुर्थी
प्रातः काल या किसी भी शुभ कार्य से पूर्व
स्नान/अभिषेक
जल, गंगाजल
मूर्ति या चित्र पर जल चढ़ाएं
पुष्प
लाल फूल, दूर्वा
दूर्वा (3 या 5 पत्तियाँ) अति प्रिय, लाल पुष्प
प्रसाद
मोदक, लड्डू
मोदक या बूंदी के लड्डू अति प्रिय
विशेष सलाह:
  • गणेश जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें
  • लाल वस्त्र धारण करें और लाल पुष्प अर्पित करें
  • दूर्वा (गोरख पंथी) अवश्य चढ़ाएं - यह गणेश जी को अति प्रिय है
  • गणेश अथर्वशीर्ष या गणेश मंत्र का जप करें
  • गणेश चतुर्थी पर विशेष व्रत और पूजा करें
  • नए कार्य की शुरुआत में गणेश जी का स्मरण अवश्य करें

गणेश भक्ति के लाभ

  • विघ्न नाश: सभी प्रकार की बाधाएँ और विघ्न दूर होते हैं
  • बुद्धि और ज्ञान: बुद्धि, विवेक और ज्ञान में वृद्धि
  • समृद्धि और ऐश्वर्य: घर में सुख-समृद्धि और धन का आगमन
  • सफलता: हर कार्य में सफलता की प्राप्ति
  • शिक्षा में सफलता: विद्यार्थियों के लिए विशेष लाभकारी
  • आध्यात्मिक उन्नति: आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर होने में सहायक
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