दुर्गा माँ - जगदम्बा

शक्ति, चंडी, नवदुर्गा, महिषासुर मर्दिनी - दुर्गा सप्तशती, चंडी पाठ, देवी आरती और शक्ति के मंत्र

माँ दुर्गा - आदिशक्ति, जगदम्बा, महिषासुर मर्दिनी, नवदुर्गा। माँ दुर्गा शक्ति की देवी हैं और सृष्टि के संचालन की मूल शक्ति। वहीं देवी का स्वरूप हैं जो असुरों का नाश करती हैं और भक्तों की रक्षा करती हैं।

माँ दुर्गा का महत्व

माँ दुर्गा समस्त देवियों की स्वरूपा हैं। वह शक्ति, ज्ञान, समृद्धि और भक्ति का प्रतीक हैं। इनकी आराधना से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं, भय समाप्त होता है और अंततः मोक्ष की प्राप्ति होती है। नवरात्रि में इनकी विशेष पूजा होती है।

"या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥"

— दुर्गा सप्तशती

माँ दुर्गा के गुण और विशेषताएँ

आदिशक्ति

सृष्टि की मूल शक्ति, ब्रह्मांड की संचालिका, सभी देवियों की स्वरूपा

सिंहवाहिनी

सिंह पर सवार, शक्ति और साहस का प्रतीक, भय का नाश करने वाली

अष्टभुजा

आठ भुजाओं वाली, प्रत्येक हाथ में शस्त्र, सुरक्षा और शक्ति का प्रतीक

महिषासुर मर्दिनी

महिषासुर का वध करने वाली, बुराई पर अच्छाई की विजय की प्रतीक

दुर्गा सप्तशती (चंडी पाठ)

दुर्गा सप्तशती का प्रथम श्लोक

ॐ नमश्चण्डिकायै॥
मार्कण्डेय उवाच॥
या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता॥
अर्थ: जो देवी सभी प्राणियों में विष्णु की माया के रूप में विख्यात हैं, उन चंडिका को नमन। मार्कण्डेय ऋषि कहते हैं... (आगे का पाठ)

दुर्गा भक्ति संसाधन

दुर्गा सप्तशती

देवी के 700 श्लोकों का पवित्र ग्रंथ। सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला।

700 श्लोक देखें

चंडी पाठ

देवी चंडी के मंत्र और पाठ। रोग, शोक और संकटों से मुक्ति के लिए।

13 अध्याय देखें

देवी आरती

माँ दुर्गा की आरती। संध्या समय करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।

5 मिनट देखें

नवदुर्गा - माँ के नौ रूप

दुर्गा मंत्र - पूरा विवरण

दुर्गा बीज मंत्र
ॐ दुं दुर्गायै नमः
मंत्र का अर्थ
"ॐ, मैं दुर्गा माँ को नमन करता हूँ। 'दुं' दुर्गा का बीज मंत्र है जो समस्त नकारात्मक शक्तियों को नष्ट करता है।"
मंत्र के लाभ
  • भय और शत्रुओं से मुक्ति
  • नकारात्मक ऊर्जा का नाश
  • मानसिक शक्ति और साहस में वृद्धि
  • सभी प्रकार के रोगों से रक्षा
  • आध्यात्मिक उन्नति में सहायक
  • घर में सुख-शांति का वास
अर्गला स्तोत्र
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥
मंत्र का अर्थ
"हे जयन्ती, मंगला, काली, भद्रकाली, कपालिनी, दुर्गा, क्षमा, शिवा, धात्री, स्वाहा और स्वधा रूपों में स्थित देवी! आपको नमन है।"
स्तोत्र के लाभ
  • सभी प्रकार के संकटों से रक्षा
  • ग्रह-नक्षत्र दोषों का निवारण
  • आरोग्य और दीर्घायु की प्राप्ति
  • आपदाओं और दुर्घटनाओं से बचाव
  • सकारात्मक ऊर्जा का संचार

अन्य दुर्गा मंत्र

दुर्गा गायत्री

गायत्री
ॐ कात्यायनाय विद्महे कन्याकुमारि धीमहि तन्नो दुर्गिः प्रचोदयात्॥

दुर्गा माँ की गायत्री। ज्ञान और शक्ति के लिए उपयोगी।

ज्ञान • शक्ति सुनें

कवच मंत्र

सुरक्षा
ॐ ह्रीं काल्यै नमः॥ ॐ ह्रीं चामुण्डायै नमः॥

देवी कवच का भाग। शारीरिक और मानसिक सुरक्षा के लिए।

सुरक्षा • कवच सुनें

सिद्ध कुंजिका

सिद्धि मंत्र
ॐ ह्रीं काली ह्रीं ॐ नमः शिवाये॥

सभी सिद्धियों की प्राप्ति के लिए अति शक्तिशाली मंत्र।

सिद्धि • शक्ति सुनें

जय अम्बे गौरी

आरती
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥

माँ दुर्गा की प्रसिद्ध आरती। भक्ति और शांति के लिए गाई जाती है।

भक्ति • शांति सुनें

या देवी सर्वभूतेषु

स्तुति
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

माँ दुर्गा की स्तुति जो हर जीव में शक्ति के रूप में विराजमान हैं।

शक्ति • जागरण सुनें

दुर्गा द्वादश नाम

नाम मंत्र
प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी।
तृतीयं चंद्रघंटेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम्॥

माँ दुर्गा के विभिन्न रूपों का स्मरण। नवदुर्गा की कृपा प्राप्त करने हेतु।

कृपा • शक्ति सुनें

दुर्गा भजन प्लेलिस्ट

माँ दुर्गा के भजनों की विशेष प्लेलिस्ट। एक बार प्ले करें और 2 घंटे तक निर्बाध भजन सुनें।

कुल 35 भजन • 3 घंटे • 12K+ लाइक्स

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दुर्गा पूजा विधि

समय
नवरात्रि/मंगलवार
प्रातः या संध्या समय सबसे शुभ
स्नान/अभिषेक
पंचामृत, गंगाजल
मूर्ति या यंत्र का अभिषेक करें
पुष्प
लाल फूल
लाल गुलाब, गुड़हल अति प्रिय
प्रसाद
हलवा, पूरी
लाल रंग का भोजन, चुनरी चढ़ाएं
विशेष सलाह:
  • माँ दुर्गा की मूर्ति या चित्र स्थापित करें
  • लाल वस्त्र धारण करें और लाल पुष्प अर्पित करें
  • दुर्गा सप्तशती या चंडी पाठ का पाठ करें
  • नवरात्रि में विशेष रूप से माँ की पूजा करें
  • देवी के मंत्रों का 108 बार जप करें
  • कन्या पूजन का विशेष महत्व है

दुर्गा भक्ति के लाभ

  • भय मुक्ति: सभी प्रकार के भय और संकटों से रक्षा
  • रोग निवारण: असाध्य रोग भी ठीक होते हैं
  • शत्रु नाश: शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है
  • ऐश्वर्य प्राप्ति: सुख, समृद्धि और धन की प्राप्ति
  • मोक्ष प्राप्ति: जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति
  • आध्यात्मिक शक्ति: कुंडलिनी जागरण में सहायक
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