गणेश आरती - जय गणेश जय गणेश, श्री गणेश जी की संपूर्ण आरती

विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की आरती का पाठ, महत्व और सही विधि। जय गणेश जय गणेश आरती से सभी विघ्न दूर होते हैं।

गणेश आरती का महत्व

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य कहा जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले गणेश जी की पूजा की जाती है। गणेश आरती 'जय गणेश जय गणेश' का नियमित पाठ करने से सभी विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता मिलती है। बुधवार और संकष्टी चतुर्थी के दिन इस आरती का विशेष महत्व है।

॥ आरती श्री गणेश जी की ॥

(जय गणेश जय गणेश)

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा॥

एकदन्त दयावन्त, चार भुजा धारी।
मस्तक सिन्दूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा॥

अन्धन को आँख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा॥

'पान' चढ़े 'फूल' चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा॥

दीनन की लाज रखो, शम्भु सुतवारी।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा॥

गणेश आरती के लाभ

विघ्न नाश

गणेश आरती के नियमित पाठ से जीवन के सभी विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं और मार्ग प्रशस्त होता है।

बुद्धि का विकास

गणेश जी को बुद्धि का देवता माना जाता है। आरती से बुद्धि और विवेक का विकास होता है।

संतान सुख

गणेश आरती के प्रभाव से संतान सुख की प्राप्ति होती है और संतान की रक्षा होती है।

मनोकामना सिद्धि

सच्चे मन से की गई गणेश आरती से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

गणेश आरती का सही समय और विधि

प्रातः काल

सूर्योदय से पूर्व, ब्रह्म मुहूर्त में गणेश आरती का विशेष महत्व है।

बुधवार

गणेश जी का दिन, इस दिन आरती का पाठ अत्यंत फलदायी होता है।

संकष्टी चतुर्थी

हर महीने की संकष्टी चतुर्थी को गणेश आरती का विशेष महत्व है।

संध्या काल

सूर्यास्त के समय दीपदान के साथ गणेश आरती करना शुभ माना जाता है।

आरती विधि

  • स्नान और शुद्धता: आरती से पूर्व स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। लाल रंग के वस्त्र विशेष शुभ माने जाते हैं।
  • दीपक जलाएं: घी का दीपक जलाकर भगवान गणेश के चित्र या मूर्ति के समक्ष रखें।
  • ध्यान करें: भगवान गणेश का ध्यान करें - एकदंत, गजानन, मूषक वाहन, लड्डू के भोग लगाते हुए।
  • आरती गाएं: श्रद्धा और भक्ति भाव से जय गणेश जय गणेश आरती का पाठ करें या गाएं।
  • घंटी बजाएं: आरती के दौरान घंटी बजाते रहें।
  • प्रसाद चढ़ाएं: गणेश जी को लड्डू, मोदक या दूर्वा का भोग लगाएं।
  • आरती के बाद: आरती के बाद हाथों को आरती के ऊपर से ले जाकर सिर पर फेरें और प्रसाद ग्रहण करें।

गणेश आरती से जुड़ी विशेष बातें

  • गणेश आरती के बाद गणेश चालीसा या गणेश स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत लाभकारी होता है।
  • किसी भी नए कार्य की शुरुआत से पहले गणेश आरती अवश्य करें।
  • गणेश आरती का पाठ करते समय लाल रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है।
  • यदि संभव हो तो बुधवार को गणेश मंदिर में जाकर आरती में सम्मिलित हों।
"जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥"

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