प्रातःकाल भजन सुनने का सबसे उत्तम समय है। इस समय वातावरण शांत और पवित्र होता है, मन ताज़ा होता है, और भजन का प्रभाव सबसे गहरा होता है। प्रातः भजन सुनने से पूरा दिन सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है और मानसिक शांति मिलती है।
मानसिक शांति
दिनभर के तनाव से मुक्ति, मन शांत और स्थिर रहता है
ऊर्जा बढ़ाए
प्राकृतिक ऊर्जा प्रदान करता है, दिनभर सक्रिय रहने में मदद
सकारात्मकता
नकारात्मक विचार दूर होते हैं, सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है
ध्यान में सहायक
भजन के बाद ध्यान करना आसान होता है, एकाग्रता बढ़ती है
"प्रातःकाल जो भजन सुनता है, उसका दिन मंगलमय होता है। भजन की मधुर धुनें मन को शांत करती हैं और हृदय को प्रसन्न करती हैं।"
प्रातः भजन का सही समय
समय सारणी
प्रातः भजन सुनने के लिए निम्नलिखित समय सबसे उपयुक्त हैं:
सलाह: शुरुआत में 15-20 मिनट से प्रारंभ करें, धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। नियमितता सबसे महत्वपूर्ण है।
लोकप्रिय प्रातःकालीन भजन
सूर्य नमस्कार भजन
सूर्य देव की आराधना करने वाला यह भजन प्रातःकाल सुनने के लिए उत्तम है। सूर्य नमस्कार योग के साथ सुनें अधिक लाभ।
ॐ जय जगदीश हरे
सुबह-सुबह भगवान विष्णु की आराधना का यह लोकप्रिय भजन पूरे परिवार के साथ मिलकर गाने के लिए उपयुक्त।
गायत्री मंत्र भजन
गायत्री मंत्र का मधुर संगीतमय रूप। प्रातःकाल सुनने से बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि होती है।
हनुमान चालीसा (भजन)
हनुमान चालीसा का संगीतमय संस्करण। मंगलवार या प्रातःकाल सुनने से सभी संकट दूर होते हैं।
शिव तांडव स्तोत्र
शिव जी के तांडव नृत्य की महिमा का वर्णन करने वाला यह स्तोत्र भजन प्रातःकाल सुनने से दिन शुभ होता है।
प्रातः भजन प्लेलिस्ट
हमारी विशेष रूप से तैयार की गई प्रातः भजन प्लेलिस्ट। एक बार प्ले करें और 3 घंटे तक निर्बाध भजन सुनें।
कुल 45 भजन • 3 घंटे 15 मिनट • 2.5K+ लाइक्स
पूरी प्लेलिस्ट देखेंप्रातः भजन सुनने के टिप्स
1. वातावरण तैयार करें
भजन सुनने से पहले कमरे को हल्का प्रकाशित करें। अगर संभव हो तो खिड़की खोलें ताकि ताज़ी हवा आ सके। एक आरामदायक स्थान चुनें जहाँ आप बैठ सकें या लेट सकें।
2. वॉल्यूम का ध्यान रखें
भजन हल्की या मध्यम आवाज़ में सुनें। बहुत तेज आवाज़ में भजन सुनने से मन विचलित हो सकता है। आवाज़ ऐसी रखें जो सुनने में सुखद हो लेकिन ध्यान भंग न करे।
3. साथ में ध्यान करें
भजन सुनते समय आँखें बंद करके ध्यान करें। मन को भजन की धुन और शब्दों पर केंद्रित करें। इससे भजन का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।
4. नियमित रूप से सुनें
प्रतिदिन एक निश्चित समय पर भजन सुनने की आदत डालें। नियमितता से भजन सुनने पर मन और शरीर दोनों को इसकी आदत हो जाती है और लाभ बढ़ जाते हैं।
5. परिवार के साथ सुनें
यदि संभव हो तो परिवार के सभी सदस्यों के साथ मिलकर भजन सुनें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पारिवारिक सद्भाव बढ़ता है।